गुजरात के पार्थ को मिली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मदद, जाने पूरी ख़बर

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रिवार उसके इलाज के खर्च उठाने के काबिल न रहा, तो उन्हें मिली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मदद।

जब खुद लड़ने के हौसले टूटने लगे तो जरूरत होती है एक ऐसे सहारे की, जो न सिर्फ आपकी मदद करे, बल्कि आपके जज्बे को भी मज़बूत बना दे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक खत ने ऐसा ही हौसला दिया पार्थ नाम के बच्चे को, जो गंभीर बीमारी से जूझ रहा था।

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12 साल का पार्थ एसएसपीई यानि सब एक्युट स्किलिरोजिंग पेन इन्सेफलाईटिस नामक गंभीर बीमारी से जूझ रहा है और उसके परिवार को उसकी बीमारी का पता सिर्फ चार महीने पहले चला। गुजरात के अमरेली जिले के पार्थ के पिता ने घर की सारी जमा-पूंजी और यहां तक कि पार्थ के मां के गहने भी बेच दिए लेकिन इलाज नामुमकिन सा लगने लगा।

हारकर पार्थ के पिता ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी, और मदद की गुहार लगाई। खत पाकर प्रधानमंत्री ने खुद मामले का संज्ञान लिया और पिता को मदद का भरोसा दिलाया। प्रधानमंत्री ने खुद स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा को इस मामले को देखने को कहा। नतीजतन, आज पार्थ का इलाज दिल्ली में एम्स में हो रहा है और सरकार और खुद प्रधानमंत्री से मिले मदद ने उसके जीने के जज्बे को और बढ़ा दिया है।

डॉक्टरों का कहना है कि पार्थ की बीमारी बहुत गंभीर है लेकिन उसका हरमुमकिन इलाज किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने सिर्फ पार्थ के मामले में ही निजी तौर पर मदद नही की है बल्कि पुणे की एक लड़की के इलाज में भी सहायता की थी। जाहिर है पार्थ जैसे देश के आम आदमी का हौसला दोगुना हो जाता है जब सरकार और खुद प्रधानमत्री संकट के वक्त उनके सथ खड़े नज़र आते हैं।

अब पार्थ की बीमारी पर शोध के लिए एम्स और स्वास्थ्य मंत्रालय आगे आया है। पार्थ ने प्रधानमंत्री के लिए एक कविता भी लिखी है, जो शब्दों के ज़रिए हौसलो और उम्मीदो की वह उड़ान है जो देश के शीर्ष नेतृत्व के एक आम शख्स के साथ खड़े होने के भरोसे का प्रतीक है।

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